दिल ने कहा ये Paris है..

Dec 23, 13 दिल ने कहा ये Paris है..

Paris_an_eveningदिल ने कहा ये Paris है…

इधर उधर कुछ खिचे हुए चल चित्र हज़ार

रचनायें थोड़ी, गिनी चुनिदा

एक से बढकर एक कलाकार हैं

सदीयें बीत गयी होंगी

मगर बहके बहके हुए से आज भी इनके आसार हैं

कंही तो धूल रंगों के बीच सामंजस्य बैठा चुकी

कंही विछित कृति के भी अनूठे अकार हैं

एक जगह एकाकी अलग  सी ऊँची मीनार

तो कंही पथरो में गढ़े अनूठे आकार हैं

कुछ बहुत प्राचीन तो नहीं जाता इतिहास

कुछ ही सदियों में बना ये निराला विकास है

बात करतें तो रहते हैं सभी दुनिया भर में

मगर जो आ सकें उनको अपना सौभाग्य है

शहर बुलाता नहीं किसी को भी आवाज दे कर

जो आ गया उसका सा न हुआ किसी और का न होगा एहसास है…

दिल ने कहा ये Paris है…!!!!!!!